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मुद्रास्फीति नियंत्रण वित्त मंत्रालय की प्रमुख प्राथमिकता, दूसरी छमाही में कीमत स्थिरता पर फोकस
वित्त मंत्रालय ने आने वाली छमाही में मूल्य स्थिरता को अपनी शीर्ष नीति प्राथमिकता बताया है। कच्चे तेल की बढ़ी कीमतें, खाद्य मुद्रास्फीति और खरीफ फसल में अनिश्चितता प्रमुख जोखिम के रूप में चिन्हित की गई हैं।
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वित्त मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना अपनी मुख्य नीति एजेंडा बताया है। मंत्रालय की समीक्षा में कीमत स्थिरता बनाए रखने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
मंत्रालय ने कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में वृद्धि को मुद्रास्फीति का एक प्रमुख जोखिम कारक माना है। इसके अलावा, खाद्य मुद्रास्फीति और आसन्न खरीफ मौसम में फसल की अनिश्चितता भी कीमत दबाव बढ़ाने की संभावना रखती है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए समन्वित नीति उपायों की आवश्यकता होगी।
अर्थव्यवस्था की विकास दर के संबंध में, मंत्रालय ने तीसरी तिमाही (Q2FY27) के लिए सकल घरेलू उत्पाद में 7.35 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया है। यह प्रक्षेपण आर्थिक मजबूती को दर्शाता है, लेकिन वर्तमान बाह्य और आंतरिक दबावों में संतुलन बनाना आवश्यक रहेगा।
विश्लेषकों का मानना है कि मंत्रालय की यह समीक्षा सरकार की मुद्रास्फीति को काबू में रखते हुए वृद्धि की गति को बनाए रखने की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है। आने वाले महीनों में कमोडिटी कीमतों और कृषि उत्पादन पर निकट निगरानी रखी जाएगी।