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जबरन मजदूरी पर कार्रवाई सबूत पर आधारित हो: पीयूष गोयल
भारत ने G20 बैठक में जबरन मजदूरी वाले सामानों पर व्यापार प्रतिबंध के लिए ठोस साक्ष्य की मांग की है। भारत ने व्यापक कार्रवाई के खिलाफ सावधानी बरतते हुए सदस्य देशों से WTO नियमों का पालन करने का आग्रह किया है।
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भारत ने बृहत्तर समूह (G20) के वार्षिक सम्मेलन में कहा है कि जबरन मजदूरी से संबंधित सामानों पर व्यापार पाबंदियां स्पष्ट और ठोस साक्ष्य पर आधारित होनी चाहिएं। भारतीय प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्व करते हुए पीयूष गोयल ने इस मुद्दे पर सभी सदस्य राष्ट्रों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
भारत का दृष्टिकोण यह है कि बिना पर्याप्त प्रमाण के व्यापक प्रतिबंधात्मक उपाय अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बाधित कर सकते हैं। गोयल ने यह भी जोर दिया कि किसी भी ऐसी कार्रवाई को विश्व व्यापार संगठन (WTO) के स्थापित नियमों और दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए। भारत का मानना है कि पारदर्शिता और साक्ष्य-आधारित नीति बनाने से ही व्यापार संबंधों में विश्वास बना रहता है।
यह रुख भारत की व्यापार हितों की रक्षा करने और साथ ही अंतरराष्ट्रीय श्रम मानकों के प्रति प्रतिबद्धता को संतुलित करने का प्रयास है। भारत का तर्क है कि जबरन मजदूरी जैसे गंभीर मुद्दों का समाधान करते समय न्यायसंगत और तर्कसंगत दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।