Politics · India Bureau
भारत में शिशुओं और बुजुर्गों के लिए तापलहर का खतरा सर्वाधिक
वैश्विक स्तर पर तापलहर के दिनों में कमी आई है, लेकिन भारत उन शीर्ष देशों में शामिल है जहां बुजुर्ग नागरिकों और नवजात शिशुओं को इसका सबसे ज्यादा जोखिम है।
LSN India ·

भारत समेत दुनिया के कई देशों में शिशुओं और बुजुर्गों को चरम तापमान से सर्वाधिक खतरा बना हुआ है। हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत उन शीर्ष राष्ट्रों की सूची में है जहां जनसंख्या के सबसे कमजोर वर्गों को गर्मी की लहरों का सामना करना पड़ता है।
वैश्विक आंकड़ों के अनुसार, 2024 में बुजुर्ग वयस्कों के लिए तापलहर के दिन 15.3 अरब व्यक्ति-दिन दर्ज किए गए थे, जो एक ऐतिहासिक उच्च स्तर था। इसी अवधि में शिशुओं के लिए यह आंकड़ा 2.3 अरब व्यक्ति-दिन रहा। रिपोर्ट में सामने आया है कि बुजुर्गों और छोटे बच्चों को अत्यधिक गर्मी से गंभीर स्वास्थ्य जोखिम का सामना करना पड़ता है।
वर्तमान वर्ष में वैश्विक तापलहर के दिनों में कमी देखी गई है, परंतु कई एशियाई देशों सहित भारत में यह समस्या अभी भी गंभीर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण भविष्य में ऐसी घटनाओं की आवृत्ति और तीव्रता दोनों में वृद्धि हो सकती है।
स्वास्थ्य विभाग और संबंधित प्राधिकरण कमजोर वर्गों के लिए गर्मी से संरक्षण के उपाय तेज करने की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं। विशेष ध्यान बुजुर्गों और शिशुओं को दिए जाने की जरूरत है ताकि चरम मौसमी परिस्थितियों से होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को कम किया जा सके।