Culture & Entertainment · India Bureau
लद्दाख भारत का अभिन्न अंग: चीन की आपत्ति को विदेश मंत्रालय ने ठुकराया
भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि लद्दाख भारत का अविभाज्य हिस्सा है और इसके स्थानों के नामकरण संबंधी चीन की आपत्तियां बेमानी हैं। भारत अपनी संप्रभु भूमि पर नाम रखने का पूर्ण अधिकार रखता है।
LSN India ·

भारतीय विदेश मंत्रालय ने लद्दाख क्षेत्र में स्थानों के नामकरण को लेकर चीन की ओर से उठाई गई आपत्तियों को खारिज कर दिया है। मंत्रालय का रुख यह है कि लद्दाख भारत के संविधान के तहत भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है और इसके संबंध में किसी भी प्रकार की बहस का कोई आधार नहीं है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ताओं ने कहा है कि भारत को अपनी संप्रभु भूमि पर स्थानों के नामकरण और प्रशासनिक निर्णय लेने का पूर्ण अधिकार है। लद्दाख के भौगोलिक क्षेत्र और वहां के नामों को लेकर कोई तीसरा पक्ष आपत्ति नहीं उठा सकता।
यह मुद्दा भारत-चीन सीमा विवाद के बीच उभरा है, जहां दोनों देशों के बीच लद्दाख क्षेत्र की सीमांकन को लेकर मतभेद बने हुए हैं। हालांकि, भारत की स्पष्ट नीति रही है कि वह अपनी संप्रभु भूमि पर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा।
विदेश मंत्रालय का यह बयान भारत की दृढ़ राजनीतिक इच्छा को दर्शाता है कि वह अपनी क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसी आपत्तियां भारत की आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का प्रयास मानी जाती है।