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भारत ने सिंधु जल समझौते पर मध्यस्थता न्यायालय के आदेश को ठुकराया

विदेश मंत्रालय ने कहा कि स्थायी मध्यस्थता न्यायालय को भारत के संप्रभु निर्णयों पर अधिकार नहीं है। भारत ने अपना रुख दोहराया कि 1960 की सिंधु जल संधि वर्तमान में स्थगित है।

LSN India · 31 August 2026

भारत ने सिंधु जल समझौते पर मध्यस्थता न्यायालय के आदेश को ठुकराया

भारत ने स्थायी मध्यस्थता न्यायालय (पीसीए) द्वारा जारी किए गए एक आदेश को खारिज कर दिया है, जो पाकिस्तान के साथ 1960 की ऐतिहासिक सिंधु जल संधि से संबंधित है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय को भारत की संप्रभु निर्णय लेने की क्षमता पर कोई अधिकार नहीं है।

मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि पीसीए के पास इस मामले पर विचार करने का कोई क्षेत्राधिकार नहीं है। भारत ने अपनी पिछली स्थिति को दोहराते हुए जोर दिया है कि सिंधु जल समझौता वर्तमान में निष्प्रभावी है और इस पर कोई बाध्यकारी प्रभाव नहीं हो सकता।

सिंधु जल संधि विश्व बैंक की मध्यस्थता से हस्ताक्षरित की गई थी और भारत तथा पाकिस्तान के बीच जल साझाकरण से संबंधित मुद्दों को संबोधित करती थी। भारत की ओर से यह कदम क्षेत्रीय जल संसाधन प्रबंधन को लेकर दोनों देशों के बीच चल रहे विवाद को दर्शाता है।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने जोर दिया है कि वह अपनी राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए किए गए सभी कदमों के संबंध में अपनी संप्रभुता बनाए रखेगा। यह रुख भारत के दीर्घकालिक नीति के अनुरूप है कि वह अपने आंतरिक और बाहरी मामलों में स्वतंत्र निर्णय लेता है।