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भारत सरकार ने एलन मस्क के इंटरनेट ढांचे पर 'अलिगार्क' आरोप को खारिज किया
भारतीय सरकार ने एलन मस्क द्वारा देश के इंटरनेट नियामक ढांचे को लेकर उठाए गए आरोपों को निराधार बताया है। सरकार का कहना है कि ये आरोप भारत की डिजिटल नीति के प्रति गलतफहमी पर आधारित हैं।
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भारतीय सरकार ने स्पष्ट करते हुए कहा है कि एक्स के मालिक एलन मस्क द्वारा भारत के इंटरनेट नियामक ढांचे पर लगाए गए 'अलिगार्क' (कुलीन वर्ग के प्रभुत्व) संबंधी आरोप पूरी तरह से आधारहीन हैं। सरकार की ओर से जारी बयान में भारतीय डिजिटल नीति की पारदर्शिता और न्यायसंगतता पर जोर दिया गया है।
भारत का कहना है कि देश का इंटरनेट नीति ढांचा पारदर्शी नियमों पर आधारित है और सभी डिजिटल प्लेटफॉर्मों के लिए समान मानदंड लागू करता है। सरकार के मुताबिक, भारतीय नियामक संस्थाएं स्वतंत्र रूप से काम करती हैं और किसी विशेष कंपनी या समूह के हितों की सुरक्षा नहीं करतीं।
सरकार ने जोर देकर कहा है कि भारत के डिजिटल नियम सभी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं और उद्योग के सभी खिलाड़ियों को समान अवसर प्रदान करते हैं। भारतीय पक्ष का तर्क है कि इंटरनेट शासन संबंधी मुद्दों पर गहन समझ के अभाव में ऐसे आरोप लगाए गए हैं।
यह टिप्पणी मस्क द्वारा भारत के इंटरनेट नियंत्रण तंत्र पर उठाई गई चिंताओं के बाद आई है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि भारत की डिजिटल नीति पूरी तरह निष्पक्ष, न्यायसंगत और सार्वजनिक हित को ध्यान में रखकर बनाई गई है।