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विदेशी हस्तक्षेप की बात स्वीकार नहीं: दिपके का जवाब
गायिका मेरी मिलबेन के विवादास्पद बयान के बाद अभिजीत दिपके ने देश के आंतरिक मामलों में बाहरी दखल का विरोध किया है। मिलबेन ने आरोप लगाया था कि सिविल जस्टिस प्लेटफॉर्म को अमेरिकी दाताओं द्वारा वित्त पोषित किया जा रहा है।
LSN India ·

भारतीय राजनीति के केंद्रीय मुद्दे पर एक नए विवाद का जन्म हुआ है जब अभिजीत दिपके ने गायिका मेरी मिलबेन के विदेशी फंडिंग संबंधी आरोपों का कड़ा जवाब दिया है। दिपके ने स्पष्ट किया है कि भारत अपने आंतरिक मामलों में किसी भी प्रकार के बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करता है।
मिलबेन ने दावा किया था कि सिविल जस्टिस प्लेटफॉर्म को अमेरिकी दाताओं द्वारा समर्थित किया जा रहा है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोधी हैं। यह आरोप विभिन्न संगठनों पर विदेशी वित्त के बारे में चल रही बहस को और तीव्र करता है।
दिपके की प्रतिक्रिया भारतीय संप्रभुता और आत्मनिर्भरता के मुद्दे पर सरकारी रुख को दर्शाती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि देश की आंतरिक नीतियों और संस्थाओं को विदेशी प्रभाव से मुक्त रहना चाहिए।
यह विवाद भारतीय राजनीति में गहरे विभाजन को उजागर करता है जहां विभिन्न पक्ष स्वतंत्रता और विदेशी सहायता के मुद्दों पर विरोधी दृष्टिकोण रखते हैं। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर और बहस होने की संभावना है।