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भारत ने OIC के प्रस्तावों में भारत विरोधी संदर्भों को बताया दुर्भावनापूर्ण
नई दिल्ली ने सोमवार को इस्लामिक सहयोग संगठन की विदेश मंत्रियों की बैठक में अपनाए गए दस्तावेजों में भारत विरोधी संदर्भों को पूर्वाग्रहपूर्ण और झूठा करार दिया। भारत ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा संचालित ये कदम भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का OIC को कोई अधिकार नहीं देते।
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नई दिल्ली ने सोमवार को इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) की विदेश मंत्रियों की बैठक में अपनाए गए कई दस्तावेजों में भारत विरोधी संदर्भों को दुर्भावनापूर्ण बताया है। भारत सरकार की ओर से कहा गया कि ये संदर्भ पूर्वाग्रहपूर्ण और तथ्यहीन हैं तथा पाकिस्तान द्वारा संगठित किए गए हैं।
भारत का रुख है कि OIC जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठन को भारत के आंतरिक मामलों पर कोई टिप्पणी या हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसे प्रस्तावों से भारत की विदेश नीति या राष्ट्रीय हितों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
यह विवाद इस बात को दर्शाता है कि कैसे भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव अंतरराष्ट्रीय मंचों तक जाता है। भारत ने अतीत में भी OIC के समान कदमों का विरोध किया है और कहा है कि ये संगठन धार्मिक आधार पर गठित है जबकि भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है।
विश्लेषकों के अनुसार, दक्षिण एशिया में राजनीतिक तनाव कम करने के लिए द्विपक्षीय वार्ता अधिक प्रभावी माध्यम हो सकती है। भारत का मानना है कि किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के बजाय प्रत्यक्ष संवाद ही समस्याओं का समाधान कर सकता है।