Business · India Bureau
केंद्र ने आयातित दवाओं के लिए न्यूनतम एक साल की वैधता अवधि अनिवार्य की
स्वास्थ्य मंत्रालय ने आयातित दवाओं के लिए शेल्फ लाइफ संबंधी नियमों में बदलाव किया है। पहले लागू 60 प्रतिशत आवश्यकता को हटाकर अब सभी दवाओं के लिए कम से कम 12 महीने की वैधता अवधि अनिवार्य की गई है।
LSN India ·

स्वास्थ्य मंत्रालय ने आयातित फार्मास्यूटिकल उत्पादों के लिए शेल्फ लाइफ नीति में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। इस नई नीति के तहत अधिकांश आयातित दवाओं के लिए न्यूनतम एक साल की अवशिष्ट वैधता अवधि अनिवार्य की गई है।
इस बदलाव में पूर्व की 60 प्रतिशत शेल्फ लाइफ आवश्यकता को समाप्त कर एक निश्चित 12 महीने की न्यूनतम वैधता का प्रावधान किया गया है। नई नीति भारत में दवा आयात को सरल बनाने और आयातित औषधियों की बर्बादी को कम करने का उद्देश्य रखती है।
इस निर्णय से दवा आयातकारों और वितरकों को अधिक लचीलापन मिलेगा। दीर्घकालिक शेल्फ लाइफ वाली दवाओं के आयात में अब अतिरिक्त बाधाएं नहीं होंगी, जिससे आपूर्ति श्रृंखला में सुधार होगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय की यह पहल देश में फार्मास्यूटिकल आयात को प्रभावी बनाने और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।