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भारतीय विमानन नियम 2026: 89 साल पुराने ढांचे की जगह लेगा नया विधान
केंद्र सरकार 1 जनवरी से भारतीय वायुयान नियम 2026 लागू करेगी जो 1937 के पुरातन नियमों की जगह लेगी। नए नियम विमान पंजीकरण से लेकर एयरलाइन किराये तय करने तक सभी पहलुओं को नियंत्रित करेंगे।
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भारत का विमानन क्षेत्र नए कानूनी ढांचे के तहत काम करने के लिए तैयार हो रहा है। भारतीय वायुयान नियम 2026 89 वर्षों पुराने नियामक ढांचे को प्रतिस्थापित करेगा जो ब्रिटिश शासनकाल से चला आ रहा था। नया विधान आने वाले वर्ष के पहले दिन से लागू हो जाएगा।
नए नियम विमानन उद्योग के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नियंत्रित करेंगे जिनमें विमान पंजीकरण, सुरक्षा मानदंड और कर्मचारी लाइसेंसिंग शामिल है। इसके अलावा एयरलाइन कंपनियों द्वारा निर्धारित किए जाने वाले किराये और हवाई अड्डों के संचालन संबंधी नियम भी इसी नियमावली के दायरे में आएंगे।
विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि यह नया विधान आधुनिक समय की चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया गया है। यह कदम भारतीय वायु परिवहन नियामक ढांचे को समकालीन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
इस परिवर्तन से विमानन क्षेत्र में स्पष्टता आएगी और भारतीय एयरलाइंस तथा हवाई अड्डों को अधिक लचीला और दक्ष परिचालन का अवसर मिलेगा। नए नियमों के तहत सुरक्षा मानकों को और सख्त बनाया गया है ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।