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राष्ट्रीय खातों की नई पद्धति में बदलाव, सांख्यिकी मंत्रालय ने दी जानकारी

भारत के राष्ट्रीय खातों की गणना में नई पद्धति लागू करते हुए सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इनपुट-मूल्य के आकलन के लिए अब वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण और वस्तु-स्तरीय उत्पादन मूल्य सूचकांक का उपयोग किया जाएगा।

LSN India · 21 September 2026

राष्ट्रीय खातों की नई पद्धति में बदलाव, सांख्यिकी मंत्रालय ने दी जानकारी

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (मोसपीआई) ने भारत के राष्ट्रीय आर्थिक खातों की गणना पद्धति में व्यापक सुधार की घोषणा की है। ये परिवर्तन अर्थव्यवस्था की वृद्धि और उत्पादन क्षमता का अधिक सटीक आकलन सुनिश्चित करने के लिए किए गए हैं।

नई पद्धति में इनपुट-मूल्य के आकलन के लिए वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण (एएसआई) के आंकड़ों का व्यापक उपयोग किया जाएगा। साथ ही, वस्तु-स्तरीय उत्पादन मूल्य सूचकांक (पीपीआई) को भी शामिल किया गया है, जो मुद्रास्फीति के प्रभाव को बेहतर ढंग से दर्शाता है।

मंत्रालय के अनुसार, यह पद्धतिगत सुधार अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है और देश की आर्थिक गणना को अधिक विश्वसनीय बनाता है। नई प्रणाली विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादकता और आर्थिक प्रदर्शन का समग्र चित्र प्रस्तुत करेगी।

ये बदलाव राष्ट्रीय आय, सकल घरेलू उत्पाद और अन्य महत्वपूर्ण आर्थिक संकेतकों की गणना को प्रभावित करेंगे। नई पद्धति के कार्यान्वयन से नीति निर्माताओं को सटीक आंकड़ों के आधार पर निर्णय लेने में मदद मिलेगी।