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पाकिस्तान-चीन के लड़ाकू विमान सहयोग पर भारतीय वायु सेना का चिंता
भारतीय वायु सेना प्रमुख ने पाकिस्तान और चीन के बीच पाँचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकास में सहयोग को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। इस सहयोग को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
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भारतीय वायु सेना के शीर्ष अधिकारी ने पाकिस्तान द्वारा चीन के साथ अत्याधुनिक रक्षा प्रौद्योगिकी में किए जा रहे सहयोग पर चिंता जताई है। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने इस सहयोग को क्षेत्र की सुरक्षा परिस्थितियों के लिए एक गंभीर मुद्दा बताया है।
इस सहयोग के तहत पाकिस्तान और चीन संयुक्त रूप से पाँचवीं पीढ़ी की तकनीक वाले लड़ाकू विमान विकसित करने में जुटे हैं। ऐसी उन्नत सैन्य क्षमता का विकास दक्षिण एशिया के सामरिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
यह सहयोग चीन की बढ़ती सैन्य शक्ति और पाकिस्तान के साथ बढ़ते रक्षा सम्बन्धों का परिणाम है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्र में शक्ति के संतुलन को पुनः परिभाषित कर सकती है।
भारतीय सेना इस विकास पर सतर्कता बरत रही है और आने वाले समय में अपनी सैन्य तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि भारत को अपनी वायु सेना की क्षमता में और भी वृद्धि करनी होगी।