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2026 में ऑटो टेक फंडिंग 1.3 अरब डॉलर, 2025 के स्तर से कम रहने की संभावना
भारतीय ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 2026 में 1.3 अरब डॉलर की फंडिंग रही, जो 97 राउंड में वितरित हुई। बेंगलुरु ने कुल फंडिंग का लगभग 70 प्रतिशत अपने नाम किया।
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भारत के ऑटोमोटिव प्रযुक्ति क्षेत्र में निवेश की गति 2026 में धीमी पड़ गई है। इस साल ऑटो टेक स्टार्टअप्स को कुल 1.3 अरब डॉलर की फंडिंग मिली, जो 97 निवेश राउंड के माध्यम से दी गई। यह आंकड़ा 2025 के स्तरों को पूरी तरह प्रतिबिंबित नहीं करता है, जिससे इस वर्ष पूंजी प्रवाह में कमी का संकेत मिलता है।
बेंगलुरु ऑटोमोटिव इनोवेशन का प्रमुख केंद्र बना हुआ है, जहां देश की कुल ऑटो टेक फंडिंग का लगभग 70 प्रतिशत जमा हुआ। शहर में स्थित स्टार्टअप्स प्रौद्योगिकी-चालित समाधान विकसित करने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
2026 में सबसे बड़े फंडिंग राउंड में राइड-शेयरिंग प्लेटफॉर्म रैपिडो, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन निर्माता सिंपल एनर्जी और राइड शेयरिंग सेवा राइडरिवर जैसी कंपनियां शामिल रहीं। ये तीनों कंपनियां सबसे बड़े डील लीडर के रूप में उभरीं।
ऑटो टेक सेक्टर में निवेश के रुझान पर विश्लेषकों की नजर लगी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहन, कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी और राइड-शेयरिंग सॉल्यूशन में निवेश की प्रवृत्ति जारी रहेगी, हालांकि पूंजी की उपलब्धता निर्भर करेगी कि बाजार की परिस्थितियां कैसी रहती हैं।