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2030 तक भारत का आयुष बाजार 213 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है
प्राइमस पार्टनर्स की रिपोर्ट के अनुसार, आयुष को सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली और बीमा योजनाओं में एकीकृत करने से भारत का आयुष बाजार वर्तमान 43 अरब डॉलर से बढ़कर 213 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
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भारत के पारंपरिक चिकित्सा क्षेत्र में तेजी से वृद्धि की संभावना है। प्रबंधन परामर्श संस्था प्राइमस पार्टनर्स के विश्लेषण में कहा गया है कि आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी क्षेत्र का बाजार अगले दशक में लगभग पांच गुना बढ़ सकता है।
वर्तमान में भारत का आयुष बाजार 43 अरब डॉलर का है। इस बाजार को 2030 तक 213 अरब डॉलर तक विस्तारित करने के लिए विभिन्न रणनीतियों की आवश्यकता है। प्राइमस पार्टनर्स की रिपोर्ट में इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आयुष को सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों में प्रमुख भूमिका देने की सिफारिश की गई है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजनाओं और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में आयुष को शामिल करना इस विस्तार की मुख्य कुंजी है। इससे आयुष चिकित्सा पद्धतियां आम आबादी के लिए अधिक सुलभ बन सकती हैं। बीमा कवरेज से जुड़कर पारंपरिक चिकित्सा सेवाओं की पहुंच शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बढ़ेगी।
इस क्षेत्र की वृद्धि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। आयुष उद्योग रोजगार सृजन और निर्यात संभावनाओं में योगदान दे सकता है। स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण और आयुष का एकीकरण भारत की स्वास्थ्य सुरक्षा नीति का एक महत्वपूर्ण अंग बन सकता है।