Politics · India Bureau
भारतीय ई-कॉमर्स फंडिंग में भारी गिरावट, 2026 में 1.6 अरब डॉलर तक सीमित
भारतीय बी2सी ई-कॉमर्स कंपनियों को लगातार दूसरे साल फंडिंग में कमी का सामना करना पड़ रहा है। 2025 में 2.4 अरब डॉलर की तुलना में 2026 के पहले हिस्से में यह राशि घटकर 1.6 अरब डॉलर रह गई है।
LSN India ·

भारत के ई-कॉमर्स सेक्टर में निवेश में तेजी से गिरावट देखी जा रही है। साल दर साल आधार पर फंडिंग में लगभग एक-तिहाई की कमी आई है, जो सेक्टर के लिए गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है।
इस गिरावट में लेट-स्टेज और सीड-स्टेज निवेशकारी की भूमिका महत्वपूर्ण है। इन दोनों श्रेणियों में निवेश लगभग आधा हो गया है, जो कंपनियों के विकास चक्र के महत्वपूर्ण चरणों को प्रभावित कर रहा है। हालांकि, अर्ली-स्टेज फंडिंग अपेक्षाकृत स्थिर रही है, जो नई कंपनियों के लिए कुछ सकारात्मक संकेत देती है।
इस प्रवृत्ति को देखते हुए, ई-कॉमर्स स्टार्टअप्स और मध्यम आकार की कंपनियां अपनी विस्तार योजनाओं में सावधानी बरतने के लिए बाध्य हो रही हैं। निवेशकों की सावधानी का कारण बाजार में अनिश्चितता और प्रतिस्पर्धा में वृद्धि माना जा रहा है।
उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि यह आर्थिक चक्र का एक सामान्य हिस्सा हो सकता है, लेकिन दीर्घकालिक संभावनाएं अभी भी सकारात्मक बनी हुई हैं।