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भारत की ब्रह्मोस-2 हाइपरसोनिक मिसाइल रूसी जिरकॉन जैसी क्षमता रखेगी
भारत विकसित की जा रही ब्रह्मोस-2 मिसाइल हाइपरसोनिक तकनीक से लैस हो सकती है। रूसी स्क्रैमजेट तकनीक और भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स के संयोजन से यह मिसाइल 7400 किमी प्रति घंटे से अधिक गति प्राप्त कर सकेगी।
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भारत अपनी ब्रह्मोस-2 मिसाइल को हाइपरसोनिक क्षमता प्रदान करने की दिशा में काम कर रहा है। इस परियोजना में रूस की उन्नत स्क्रैमजेट तकनीक को भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स प्रणालियों के साथ एकीकृत किया जा सकता है, जिससे यह मिसाइल सुपरसोनिक गति से भी तेज हो सकेगी।
तकनीकी विश्लेषण से संकेत मिलता है कि इस उन्नत संस्करण की गति 7400 किमी प्रति घंटे से अधिक हो सकती है, जो इसे रूस की प्रसिद्ध जिरकॉन मिसाइल जितनी ही प्रभावी बनाएगी। हाइपरसोनिक मिसाइलें पारंपरिक वायु रक्षा प्रणालियों को चकमा देने में सक्षम होती हैं क्योंकि वे बेहद तेज गति से लक्ष्य तक पहुंचती हैं।
भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग का यह प्रस्ताव क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ब्रह्मोस-2 की हाइपरसोनिक विविधता भारत की सामरिक क्षमता को अगले स्तर पर ले जाने में अहम भूमिका निभा सकती है।