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विदेशी निवेशकों को 'बारातियों' जैसा मानना चाहिए: राम देव अग्रवाल
प्रमुख निवेश विशेषज्ञ राम देव अग्रवाल ने लंबावधि पूंजीगत लाभ कर पर अपना दृष्टिकोण व्यक्त करते हुए कहा कि विदेशी पूंजी को दीर्घकालीन संपत्ति के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने भारतीय पूंजी बाजार की भविष्य की संभावनाओं के प्रति आशावाद भी दिखाया।
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वरिष्ठ निवेश विशेषज्ञ राम देव अग्रवाल ने विदेशी निवेशकों के लिए भारत की नीति पर एक अनोखी दृष्टि प्रस्तुत की है। उन्होंने कहा कि विदेशी पूंजी को शादी के अतिथियों की तरह माना जाना चाहिए, जो सीमित समय के लिए आते हैं किंतु अपना योगदान देते हैं। इस सादृश्य के माध्यम से अग्रवाल ने सुझाव दिया कि लंबावधि पूंजीगत लाभ कर की नीति ऐसी होनी चाहिए जो विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करे।
अग्रवाल ने भारतीय पूंजी बाजार के विकास पर सकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती और बाजार के विस्तार के साथ ही ट्रिलियन डॉलर के आईपीओ की संभावना देश में निकट भविष्य में संभव हो सकती है।
इस टिप्पणी में एक महत्वपूर्ण संदेश है कि भारत को विदेशी निवेश को न केवल अल्पकालीन लाभ के रूप में देखना चाहिए, बल्कि दीर्घावधि आर्थिक विकास का साधन मानना चाहिए। ऐसी नीति बनाकर ही भारत वैश्विक पूंजी बाजारों में अपनी प्रतिस्पर्धी स्थिति को मजबूत कर सकता है।