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भारत में एआई सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य, छह घंटे में घटना की रिपोर्टिंग का निर्देश
भारतीय साइबर सुरक्षा एजेंसी सर्ट-इन ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणालियों की सुरक्षा के लिए कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं। एंटरप्राइज़ को जोखिम आकलन, तत्काल घटना रिपोर्टिंग और निरंतर निगरानी सुनिश्चित करनी होगी।
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भारतीय कंप्यूटर इमर्जेंसी रिस्पांस टीम (सर्ट-इन) ने संगठनों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित प्रणालियों की सुरक्षा संबंधी नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य भारतीय संस्थानों में एआई प्रौद्योगिकी से जुड़े साइबर जोखिमों को कम करना है।
सर्ट-इन के मानदंडों के अनुसार, सभी एंटरप्राइज़ को अपनी एआई प्रणालियों का जोखिम-आधारित वर्गीकरण करना अनिवार्य है। इसके अलावा, किसी भी सुरक्षा घटना की जानकारी छह घंटे के अंदर प्रदान करनी होगी। साथ ही, संगठनों को अपनी एआई प्रणालियों की निरंतर निगरानी करनी होगी।
नए दिशानिर्देशों में लॉग डेटा को कम से कम 180 दिनों तक संरक्षित रखने की आवश्यकता बताई गई है। यह कदम साइबर हमलों की जांच और डिजिटल साक्ष्य संरक्षण में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये मानदंड संगठनों को एआई-संबंधित खतरों से सुरक्षित रखने में प्रभावी साबित होंगे।
सर्ट-इन के निर्देश सभी सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के संगठनों के लिए लागू होंगे जो एआई तकनीक का उपयोग करते हैं। यह कदम भारत में डिजिटल बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।