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प्रोजेक्ट चीता: चार साल में भारत में चीतों की संख्या छह से बढ़कर 52 हुई
भारत की महत्वाकांक्षी चीता पुनर्वास परियोजना ने चार वर्षों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। प्रोजेक्ट चीता के अंतर्गत देश में चीतों की आबादी अब 52 तक पहुंच गई है, जिसमें 32 भारत में ही जन्मे हैं।
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सितंबर 2022 में नामीबिया से आठ चीते लाए जाने के साथ शुरू हुई प्रोजेक्ट चीता में भारत को दीर्घकाल से प्रतीक्षित सफलता मिली है। विलुप्त हो चुकी इस प्रजाति को भारत में पुनः स्थापित करने का यह महत्वाभिलाषी प्रयास अब मजबूत जमीन पर खड़ा है।
चार वर्षों की अवधि में चीतों की आबादी में छह गुना की वृद्धि हुई है। वर्तमान में देश में 52 चीते मौजूद हैं, जिनमें से 32 भारतीय मिट्टी में पैदा हुए हैं। यह आंकड़ा प्रोजेक्ट की व्यवहार्यता और प्रजनन कार्यक्रम की सफलता को दर्शाता है।
शुरुआती दौर में कूनो राष्ट्रीय उद्यान को चीता संरक्षण का केंद्र बिंदु बनाया गया था। अब परियोजना का विस्तार आगे बढ़ते हुए गांधी सागर अभयारण्य तक हो चुका है। इस भौगोलिक विस्तार से चीतों के पुनर्वास में विविधता आई है और जीव विविधता के लिहाज से यह सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
भारत में 70 से अधिक वर्षों बाद वन्यजीव संरक्षण की इस पहल के माध्यम से चीते की प्रजाति को फिर से पनाह मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वर्तमान गति बनी रहे तो भारत शीघ्र ही चीता संरक्षण का एक वैश्विक उदाहरण बन सकता है।