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गर्मी में बिजली संकट से बचने के लिए सरकार कोयला भंडार तिगुना करने को कहे
कोयला, विद्युत और रेलवे मंत्रालय ने मार्च तक विद्युत संयंत्रों में कोयले का भंडार वर्तमान 18 मिलियन टन से बढ़ाकर 55 मिलियन टन करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह कदम आने वाली गर्मी में बिजली की कटौती से बचने के लिए उठाया गया है।
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भारत सरकार के तीन प्रमुख मंत्रालयों ने संयुक्त रूप से विद्युत संयंत्रों में कोयले के भंडार को तेजी से बढ़ाने का निर्देश जारी किया है। कोयला, विद्युत और रेलवे मंत्रालय ने इस वित्तीय वर्ष के अंत तक कोयले का भंडार वर्तमान स्तर से लगभग तीन गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
वर्तमान में विद्युत संयंत्रों में लगभग 18 मिलियन टन कोयला मौजूद है, जिसे मार्च 2025 तक बढ़ाकर कम से कम 55 मिलियन टन करने की योजना है। सरकार के अनुसार, गर्मी के मौसम में बिजली की मांग में भारी वृद्धि होती है और अपर्याप्त कोयले के भंडार से बिजली कटौती की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार कोयला खनन क्षमता को अधिकतम करने और परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर ध्यान दे रही है। रेलवे को कोयले की आपूर्ति में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि देश के विभिन्न हिस्सों में विद्युत संयंत्रों तक पर्याप्त कोयला पहुंचाया जा सके।
ऊर्जा सुरक्षा और अर्थव्यवस्था की निर्बाध कार्यप्रणाली के लिए यह कदम आवश्यक माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि पर्याप्त कोयला भंडार बनाकर गर्मी के दौरान बिजली संकट की स्थिति से बचा जा सकता है और औद्योगिक उत्पादन प्रभावित नहीं होगा।