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2026 में भारत के कोयला भंडार में 66 प्रतिशत की गिरावट, चार साल का सबसे बड़ा संकट
भारत के कोयला भंडार में इस वर्ष रिकॉर्ड स्तर की कमी देखी जा रही है, जो देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। नवीकरणीय ऊर्जा के विकास के बावजूद, बिजली उत्पादन में कोयला अभी भी प्रमुख स्रोत बना हुआ है।
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भारत के कोयला भंडार में 2026 में 66 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जो पिछले चार वर्षों में सबसे तेज गिरावट है। यह स्थिति देश की विद्युत आपूर्ति स्थिरता को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।
हालांकि पिछले कई वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, लेकिन कोयला अभी भी भारत के कुल विद्युत उत्पादन का सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है। देश की औद्योगिक और घरेलू ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में कोयले की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस तरह की तीव्र गिरावट भारत की ऊर्जा नीति और संसाधन प्रबंधन में तत्काल सुधार की आवश्यकता को दर्शाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को तेजी से विकसित करने के साथ-साथ कोयला उत्पादन को भी बढ़ाया जाना होगा।
इस संकट के समाधान के लिए सरकार को कोयला खनन क्षमता बढ़ाने, आयात विकल्पों की समीक्षा करने और नवीकरणीय ऊर्जा में तेजी से निवेश करने की आवश्यकता है।