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तांबा उत्पादकों ने मांगी जीएसटी में कटौती, कहा कीमतें बढ़ी हैं
भारत के प्रमुख तांबा निर्माता कंपनियां तांबे से जुड़े उत्पादों पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने की मांग कर रही हैं। वे कहती हैं कि इस कदम से 3.6 अरब डॉलर तक की कार्यशील पूंजी मुक्त हो सकती है।
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भारत के तांबा उत्पादकों का तर्क है कि वर्तमान समय में तांबे की रिकॉर्ड कीमतें उनकी पूंजी को बांधे रख रही हैं। इस स्थिति में जीएसटी दर में कमी से उन्हें अपनी कार्यशील पूंजी को और प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने में मदद मिलेगी। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, करों में यह कटौती भारतीय तांबा क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ा सकती है।
तांबा एक महत्वपूर्ण औद्योगिक धातु है जिसका उपयोग बिजली, निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स सहित कई क्षेत्रों में होता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तांबे की कीमतें हाल के महीनों में उच्च स्तर पर रहीं, जिससे निर्माताओं को अपनी इन्वेंटरी के लिए अधिक निवेश करना पड़ रहा है।
उद्योग के प्रतिनिधियों का मानना है कि जीएसटी में 13 प्रतिशत की कटौती से उन्हें 3.6 अरब डॉलर तक की अतिरिक्त कार्यशील पूंजी हाथ में आएगी। यह राशि उन्हें उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नई परियोजनाओं में निवेश करने का अवसर दे सकती है। वे यह तर्क भी दे रहे हैं कि कर दर में कमी से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भारतीय तांबा उत्पादों की प्रतिस्पर्धिता बेहतर होगी।
सरकार से इस संबंध में अभी कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि, यह मांग भारतीय उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण विषय बनी हुई है, खासकर जब वैश्विक कच्चे माल की कीमतें अस्थिर हैं।