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अर्थशास्त्रियों का अनुमान: साख सुलभता बढ़ने से जीडीपी अनुपात में उछाल

विशेषज्ञों ने आर्थिक विकास को गति देने के लिए व्यापक साख पहुंच और उत्पादक ऋण देने की वकालत की है। घरेलू पूंजी बाजारों को मजबूत करने और निरंतर निवेश पर भी जोर दिया गया है।

LSN India · 26 October 2026

अर्थशास्त्रियों का अनुमान: साख सुलभता बढ़ने से जीडीपी अनुपात में उछाल

अर्थव्यवस्था में साख की बढ़ती उपलब्धता देश के जीडीपी अनुपात को आने वाले समय में ऊपर की ओर ले जा सकती है। यह आकलन बिजनेस स्टैंडर्ड बीएफएसआई इनसाइट समिट 2026 में प्रमुख अर्थशास्त्रियों द्वारा प्रस्तुत किया गया।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत की आर्थिक वृद्धि को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदमों की आवश्यकता है। इनमें बैंकिंग क्षेत्र के माध्यम से साख तक आम लोगों की पहुंच बढ़ाना, उत्पादक और विकासशील क्षेत्रों में ऋण प्रवाह को निर्देशित करना शामिल है।

अर्थशास्त्रियों ने घरेलू पूंजी बाजारों को और मजबूत करने पर जोर दिया है। उनका मत है कि शेयर बाजार और बांड बाजारों की सक्षमता बढ़ने से निवेश के नए रास्ते खुलेंगे और आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।

दीर्घकालीन विकास के लिए निरंतर निवेश और साख पहुंच दोनों को साथ-साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है। ऐसा करने से न केवल साख-जीडीपी अनुपात में वृद्धि होगी, बल्कि रोजगार सृजन और समग्र आर्थिक सुदृढ़ता भी सुनिश्चित हो सकेगी।