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भारत का सीएसआर व्यय 40 हजार करोड़ को पार, गति और प्रभाव पर फोकस
भारतीय कंपनियों का कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व खर्च 40 हजार करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर गया है। सीआईआई ने अब तेजी से कार्यान्वयन और प्रभाव मूल्यांकन को चुनौती बताया है।
LSN India ·
भारत के कॉर्पोरेट जगत का सामाजिक दायित्व कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया है। देशभर की कंपनियों द्वारा सीएसआर के तहत किया जाने वाला निवेश 40 हजार करोड़ रुपये को पार कर चुका है। यह आंकड़ा भारतीय उद्योग के सामाजिक सरोकार की बढ़ती जिम्मेदारी को दर्शाता है।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने इस विकास को सकारात्मक बताते हुए कहा है कि अब आगे की चुनौती इन कार्यक्रमों की गति बढ़ाने और उनके प्रभाव को और मजबूत करने की है। संघ का मानना है कि सीएसआर पहल की सफलता केवल खर्च के आंकड़ों में नहीं, बल्कि जमीनी परिणामों में निहित है।
सीआईआई के अनुसार, कंपनियों को अपनी सामाजिक परियोजनाओं को तेजी से लागू करने और उनके वास्तविक असर का नियमित आकलन करने की आवश्यकता है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि निवेश किए गए संसाधन वास्तव में लाभान्वित समुदायों तक पहुंचें और स्थायी परिवर्तन लाएं।
भारत में कंपनी अधिनियम के तहत निर्धारित सीएसआर दायरे का यह विस्तार दिखाता है कि निजी क्षेत्र सामाजिक विकास में अपनी भूमिका को गंभीरता से ले रहा है। हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि अब साधारण व्यय से आगे बढ़कर नापने योग्य परिणामों पर ध्यान केंद्रित करना होगा।