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भारतीय सांस्कृतिक विरासत को विश्व मंच पर बढ़ती स्वीकृति: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रमशः अधिक मान्यता मिल रही है। सरकार न केवल स्मारकों के संरक्षण बल्कि ज्ञान भारती पहल के माध्यम से पांडुलिपि विरासत को भी सुरक्षित रखने का कार्य कर रही है।
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भारत की सांस्कृतिक संपदा विश्व समुदाय में धीरे-धीरे अपनी महत्ता स्थापित कर रही है। देश की ऐतिहासिक धरोहर और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति बढ़ता आकर्षण इसका प्रमाण है।
भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को सुरक्षित रखने के लिए सरकार बहुआयामी प्रयास कर रही है। स्मारकों और ऐतिहासिक संरचनाओं के संरक्षण के साथ-साथ, राष्ट्र की बौद्धिक संपदा को भी संरक्षित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इसी दिशा में सरकार ने ज्ञान भारती नामक एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। यह पहल भारत की पांडुलिपि विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए समर्पित है। ये पांडुलिपियां भारतीय ज्ञान परंपरा, विज्ञान, दर्शन और कला का अमूल्य भंडार हैं।
ऐसी पहलें भारत की वैश्विक छवि को मजबूत करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने का महत्वपूर्ण माध्यम बन गई हैं। इन प्रयासों से भारत की प्राचीन सभ्यता और ज्ञान की परंपरा का विश्व पटल पर उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो रहा है।