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भारतीय D2C स्टार्टअप्स की फंडिंग में तेज गिरावट, छह साल में 6 बिलियन डॉलर जुटाए
भारत के घरेलू डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर स्टार्टअप्स ने 2021 से 2026 के बीच लगभग 6 बिलियन डॉलर की पूंजी जुटाई है, लेकिन इस साल फंडिंग में उल्लेखनीय मंदी देखी जा रही है।
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भारत के D2C स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहा है। 2021 से लेकर वर्तमान वर्ष (2026) तक, देश के घरेलू स्टार्टअप्स ने लगभग 2,000 इक्विटी फंडिंग राउंड के माध्यम से करीब 6 बिलियन डॉलर की पूंजी संग्रहित की है।
हालांकि, यह उल्लेखनीय वृद्धि के बाद अब फंडिंग गतिविधि में तेज मंदी दिखाई दे रही है। चालू वर्ष में निवेशकों की ओर से D2C क्षेत्र के प्रति सावधानी बरती जा रही है, जिससे नई फंडिंग में भारी कमी आई है।
इंडस्ट्री विश्लेषकों का मानना है कि यह ठहराव बाजार की अनिश्चितता, उपभोक्ता खर्च में कमी और निवेशकों की रणनीति में बदलाव के कारण हो सकता है। कई विशेषज्ञ अगले महीनों में स्पष्टता आने का इंतजार कर रहे हैं।
इसके बावजूद, D2C क्षेत्र भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है। सौंदर्य, फैशन और खाद्य जैसी श्रेणियों में कई प्रमुख नाम अपने व्यवसायिक मॉडल को मजबूत करने में सफल रहे हैं।