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अक्टूबर तक सरकार का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 13.2% बढ़ा
वित्त वर्ष 2024-25 में अक्टूबर के मध्य तक केंद्र सरकार का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 13.38 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। सकल प्रत्यक्ष कर वसूली में 14.9% की वृद्धि देखी गई है, जबकि करदाताओं को दिए गए रिफंड में भी उल्लेखनीय इजाफा हुआ है।
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वित्त वर्ष 2024-25 की पहली छमाही में भारत की कर वसूली व्यवस्था सकारात्मक रुझान दिखा रही है। 14 अक्टूबर तक सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 16.03 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछली अवधि की तुलना में 14.9% की वृद्धि दर्शाता है। इसी अवधि में केंद्र सरकार ने करदाताओं को 2.65 लाख करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए, जो 24.2% अधिक है।
शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह में आई यह वृद्धि अर्थव्यवस्था की मजबूत गतिविधि को दर्शाती है। सकल वसूली और रिफंड में दोनों में बढ़ोतरी से संकेत मिलता है कि अधिक संख्या में करदाता कर प्रणाली का पालन कर रहे हैं और साथ ही सरकार की रिफंड प्रक्रिया भी अधिक कुशल हुई है।
प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) की प्राप्तियों में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई है, जहां संग्रह 51.6% बढ़कर 46,840 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह बढ़ोतरी शेयर बाजार में बेहतर कारोबार और निवेशकों की सक्रियता को दर्शाती है।
कुल मिलाकर, प्रत्यक्ष कर संग्रह में यह द्विअंकीय वृद्धि सरकार के राजस्व लक्ष्यों को पूरा करने की ओर सकारात्मक संकेत है। आने वाले महीनों में इस रुझान के बने रहने से वित्तीय वर्ष के लिए कुल राजस्व संग्रह के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।