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सीधे कर संग्रह में 13% की बढ़ोतरी, 12.12 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा
वर्तमान वित्त वर्ष में 17 सितंबर तक सरकार का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 13 प्रतिशत बढ़कर 12.12 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है। अग्रिम कर के उच्च संग्रह से संचालित यह वृद्धि, आर्थिक गतिविधि में सुदृढ़ता का संकेत दे रही है।
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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई। कॉर्पोरेट क्षेत्र से कर संग्रह में विशेष तेजी दर्ज की गई, जहां 19.48 प्रतिशत की वृद्धि के साथ संग्रह लगभग 5.56 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसके विपरीत, व्यक्तिगत आय और हिंदू अविभाजित परिवारों से प्राप्त गैर-कॉर्पोरेट कर में 6 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो 6.16 लाख करोड़ रुपये को पार कर गई।
प्रतिभूति लेनदेन कर का संग्रह में सबसे उल्लेखनीय प्रदर्शन हुआ, जहां 1 अप्रैल से 17 सितंबर के बीच 53 प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह 40,214 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। अग्रिम कर का संग्रह 16.18 प्रतिशत बढ़कर लगभग 5.22 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसमें कॉर्पोरेट अग्रिम कर में 18 प्रतिशत की वृद्धि शामिल है, जो 4.16 लाख करोड़ रुपये से अधिक थी।
कर वापसी में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। 17 सितंबर तक वापसी राशि 29.19 प्रतिशत बढ़कर 2.20 लाख करोड़ रुपये को पार कर गई। कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह ने 15 प्रतिशत की वृद्धি दर्ज की है, जो 14.32 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। ये आंकड़े वित्तीय वर्ष 2024-25 में अर्थव्यवस्था की मजबूत कर आधार को प्रतिबिंबित करते हैं।