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अक्टूबर तक प्रत्यक्ष कर संग्रह में 13% की वृद्धि, 13.38 लाख करोड़ रुपये
वित्त वर्ष 2026-27 में अप्रैल से अक्टूबर मध्य तक प्रत्यक्ष कर संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। कॉर्पोरेट करों में तेजी से बढ़ोतरी इस सकारात्मक प्रदर्शन का मुख्य कारण रही है।
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1 अप्रैल से 14 अक्टूबर के बीच शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह में 13.21 प्रतिशत की वृद्धि होकर लगभग 13.38 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। कॉर्पोरेट कर राजस्व में आई मजबूत बढ़ोतरी ने इस सकारात्मक रुझान को संचालित किया है।
कॉर्पोरेट कर संग्रह में 20.58 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी होकर 5.99 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इसके विपरीत, गैर-कॉर्पोरेट कर यानी व्यक्तियों, फर्मों और हिंदू अविभाजित परिवारों द्वारा दिया जाने वाला कर मामूली वृद्धि दर्ज करते हुए 5.83 प्रतिशत बढ़कर 6.92 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंचा है।
प्रतिभूति लेनदेन कर में असाधारण वृद्धि देखी गई है, जो 14 अक्टूबर तक 52 प्रतिशत बढ़कर 46,840 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसी अवधि में कर रिफंड जारी करने में 24.22 प्रतिशत की साल-दर-साल वृद्धि हुई है, जिससे कुल 2.65 लाख करोड़ रुपये की रकम रिफंड की गई।
कुल आधार पर देखें तो प्रत्यक्ष कर संग्रह 14 अक्टूबर तक 15 प्रतिशत बढ़कर 16.03 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। इसमें कॉर्पोरेट कर संग्रह 7.53 लाख करोड़ रुपये और गैर-कॉर्पोरेट कर 8.03 लाख करोड़ रुपये शामिल है।