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भारत का ई-कॉमर्स बाजार 2030 तक 345 अरब डॉलर तक पहुंचेगा
भारतीय ई-रिटेल क्षेत्र आने वाले सात वर्षों में तीन गुना वृद्धि के लिए तैयार है। इस विस्तार में क्विक कॉमर्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और छोटे शहरों की क्रय शक्ति मुख्य भूमिका निभाएगी।
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भारत का ई-कॉमर्स बाजार 2030 तक 345 अरब डॉलर के आंकड़े तक पहुंचने की संभावना है, जो वर्तमान आकार से लगभग तीन गुना अधिक होगा। यह विस्तार डिजिटल खुदरा क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन की ओर संकेत करता है।
इस विकास में क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्मों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। ये प्लेटफॉर्म अगले कुछ वर्षों में ई-रिटेल बाजार की वृद्धि का लगभग आधा हिस्सा चलाने का अनुमान है। तेजी से डिलीवरी की मांग बढ़ने के साथ-साथ उपभोक्ताओं का व्यवहार तेजी से बदल रहा है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग तकनीकें डिजिटल खुदरा अनुभव को महत्वपूर्ण रूप से आकार दे रहीं। व्यक्तिगत खरीदारी सुझाव, इन्वेंटरी प्रबंधन और ग्राहक सेवा में एआई का प्रयोग तेजी से बढ़ रहा है।
भारत के छोटे और मध्यम शहरों में डिजिटल खरीदारी की पहुंच बढ़ना भी इस वृद्धि का एक प्रमुख चालक है। इंटरनेट पहुंच और स्मार्टफोन उपयोग में वृद्धि के कारण दूरदराज के क्षेत्रों में भी ई-कॉमर्स की गतिविधि तेजी से बढ़ रही है।