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वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था दिखा रही मजबूती: आरबीआई
भारतीय रिजर्व बैंक की ताजा बुलेटिन में कहा गया है कि देश की अर्थव्यवस्था घरेलू मांग और विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों के बल पर वैश्विक दबावों का सामना कर रही है। जुलाई में मानसून के सुधार से खरीफ फसलों की बुवाई भी सामान्य स्तर के करीब पहुंच गई है।
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भारतीय रिजर्व बैंक की अगस्त बुलेटिन में 'अर्थव्यवस्था की स्थिति' पर प्रकाशित लेख में कहा गया है कि मजबूत घरेलू मांग और सेवा क्षेत्र की बेहतर कार्यप्रदर्शन के कारण अर्थव्यवस्था विश्वव्यापी चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर रही है। बुलेटिन के अनुसार जुलाई में दक्षिण पश्चिमी मानसून की बहाली से खरीफ फसलों की बुवाई सामान्य क्षेत्रफल के निकट पहुंच गई है, जिससे कृषि क्षेत्र के जोखिम में कुछ कमी आई है।
रिजर्व बैंक ने गत वर्ष की पहली तिमाही की गति जुलाई में भी जारी रहने का संकेत दिया है। इस अवधि में अधिकांश उच्च-आवृत्ति संकेतकों ने विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की सतत गतिविधि को दर्शाया है। माल के आयात-निर्यात में दो अंकीय विस्तार दर्ज किया गया है।
हालांकि, बुलेटिन में कहा गया है कि वैश्विक आर्थिक दृष्टिकोण पश्चिमी एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका द्वारा लगाए गए नए सीमा शुल्क से प्रभावित बना हुआ है। इन कारकों का असर आने वाले समय में भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में मुद्रास्फीति निर्धारित लक्ष्य से ऊपर उठी है, लेकिन यह मुख्यतः आपूर्ति पक्ष के दबावों के कारण है। मुद्रास्फीति के मूल घटक अपेक्षाकृत स्थिर बने हुए हैं, जिससे आर्थिक स्थिरता का संकेत मिलता है।