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भारत में गरीबी घटी, लेकिन मजदूरी और नियमित काम की कमी बनी समस्या

भारत में गरीबी के आंकड़ों में सुधार हुआ है, लेकिन कम वेतन और रोजगार की अनिश्चितता अभी भी लाखों लोगों को आर्थिक असुरक्षा से जूझने के लिए मजबूर कर रही है।

LSN India · 25 October 2026

भारत में गरीबी घटी, लेकिन मजदूरी और नियमित काम की कमी बनी समस्या

भारत की आर्थिक प्रगति के बावजूद रोजगार और आय की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ है। सांख्यिकीय विश्लेषण से पता चलता है कि गरीबी में कमी के बावजूद, देश के एक बड़े हिस्से को आय की अस्थिरता और कम मजदूरी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

आंकड़ों में दिखता है कि भारत की आर्थिक वृद्धि रोजगार सृजन में पर्याप्त नहीं रही है। नियमित और स्थिर काम के अवसरों की कमी शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में देखी जा रही है। इससे बड़ी संख्या में लोग अनौपचारिक क्षेत्र में काम करने के लिए मजबूर हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि गरीबी से ऊपर आने वाले परिवारों को भी न्यूनतम मजदूरी और असुरक्षित कार्य परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इस बीच, रोजगार की गुणवत्ता में सुधार और नियमित काम के अवसर बढ़ाना भारत की विकास रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।

विश्लेषकों के अनुसार, आय की वृद्धि और रोजगार की सुरक्षा ही वह कड़ी है जो भारत को व्यापक आर्थिक विकास की ओर ले जा सकती है। इसके लिए कौशल विकास, उद्यमिता को बढ़ावा और औपचारिक क्षेत्र में निवेश को प्राथमिकता देने की जरूरत है।