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बेरोजगारी घटी, लेकिन भारत में 'सम्मानजनक काम' की कमी बनी चुनौती

भारत में रोजगार संख्या बढ़ने के बावजूद काम की गुणवत्ता में सुधार नहीं आया है। सामाजिक सुरक्षा से वंचित मजदूरों की क्रय क्षमता प्रभावित हो रही है, जिससे आर्थिक विकास पर असर पड़ रहा है।

LSN India · 1 November 2026

बेरोजगारी घटी, लेकिन भारत में 'सम्मानजनक काम' की कमी बनी चुनौती

भारत में बेरोजगारी दर में कमी के बावजूद रोजगार की गुणवत्ता संबंधी गंभीर समस्या बनी हुई है। कम वेतन और अस्थिर कार्य परिस्थितियों में उत्पन्न होने वाली नौकरियां आर्थिक वृद्धि को गतिशील करने में असमर्थ साबित हो रही हैं।

सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से बाहर काम करने वाले मजदूरों की संख्या देश में बहुत अधिक है। ऐसे कर्मचारी आय की अनिश्चितता और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों का सामना करते हैं, जिससे उनकी बचत क्षमता काफी हद तक कम हो जाती है। परिणामस्वरूप ये श्रमिक आर्थिक झटकों के प्रति अत्यधिक असुरक्षित रहते हैं।

आय में अनिश्चितता के कारण ये कार्यबल अपनी खपत में कटौती करने को मजबूर होता है, जिससे बाजार में मांग में कमी आती है। यह स्थिति घरेलू बाजार को कमजोर करती है और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की दीर्घकालीन विकास दर को प्रभावित करती है।

विश्लेषकों के अनुसार, भारत की आर्थिक प्रगति के लिए केवल रोजगार संख्या बढ़ना पर्याप्त नहीं है। बेहतर मजदूरी, कार्य सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा लाभों के साथ 'सम्मानजनक काम' प्रदान करना अत्यावश्यक है। इसी के माध्यम से ही देश टिकाऊ और समावेशी विकास हासिल कर सकता है।