LSN News › India

Business · India Bureau

भारत में शेयर बाजार सुधार तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन बुनियादी ढांचा पीछे है

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के संस्थापक राममेव अग्रवाल का मानना है कि भारत में इक्विटी संस्कृति को लेकर सुधार तेजी से आ रहे हैं, लेकिन इसके लिए जरूरी तकनीकी और संरचनात्मक विकास पर्याप्त नहीं है।

LSN India · 24 September 2026

भारत में शेयर बाजार सुधार तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन बुनियादी ढांचा पीछे है

भारतीय शेयर बाजार में विकास की गति अपने बुनियादी ढांचे से कहीं तेजी से आगे बढ़ रही है। यह मत व्यक्त किया है प्रमुख वित्तीय सेवा प्रदाता मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के संस्थापक राममेव अग्रवाल ने।

अग्रवाल के अनुसार, हाल के वर्षों में भारत में नियामकीय सुधारों के कारण इक्विटी बाजार की संस्कृति में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। निवेशकों का विश्वास बढ़ा है और प्रतिभूति बाजार में नई ऊर्जा आई है। इन सकारात्मक सुधारों से बाजार में तेजी आई है और खुदरा निवेशकों की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

हालांकि, इस तेजी के साथ ही एक चुनौती भी उभरी है। इस विकास को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए जरूरी तकनीकी ढांचा, मानव संसाधन और नियामकीय क्षमता विकसित करने में अभी काफी समय लगेगा। विकास की यह असंतुलित गति भविष्य में समस्याएं पैदा कर सकती है।

अग्रवाल का सुझाव है कि भारत को शेयर बाजार की संरचना को मजबूत करने पर अधिक ध्यान देना चाहिए। शिक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही को सुनिश्चित करते हुए बाजार का विकास किया जाए। इससे ही दीर्घकालीन और स्थिर वृद्धि संभव हो सकेगी।