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वित्त वर्ष 27 की शुरुआत में भारत को 13.8 अरब डॉलर विदेशी निवेश
भारतीय रिज़र्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से अगस्त की अवधि में भारत को शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। पिछले साल की समान अवधि की तुलना में यह आंकड़ा 43 प्रतिशत तक बढ़ा है।
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भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआती पांच महीनों में भारत को शुद्ध विदेशी निवेश में 13.8 अरब डॉलर की प्राप्ति हुई है। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि में 9.6 अरब डॉलर रही थी, जिससे साल-दर-साल आधार पर लगभग 44 प्रतिशत की वृद्धि का संकेत मिलता है।
विदेशी निवेश में इस तेजी के पीछे दो प्रमुख कारक हैं। एक तरफ विदेशों से भारत में सकल आंतरिक निवेश (ग्रॉस इनवर्ड इनवेस्टमेंट) में वृद्धि देखी गई है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रति विश्वव्यापी विश्वास को दर्शाता है। दूसरी ओर, भारतीय कंपनियों की ओर से विदेशों में किए जाने वाले निवेश में मंदी आई है, जिससे शुद्ध आंतरिक प्रवाह में सुधार हुआ है।
यह सकारात्मक रुझान वैश्विक अनिश्चितता के बीच भी भारत की विकास संभावनाओं में निवेशकों के दृढ़ विश्वास को दर्शाता है। मजबूत आर्थिक विकास दर, बड़े घरेलू बाजार और सरकार की अनुकूल नीतियां भारत को एक आकर्षणीय निवेश गंतव्य बनाती हैं।
रिज़र्व बैंक की ओर से जारी यह डेटा चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की विदेशी पूंजी आकर्षण की क्षमता को रेखांकित करता है। अगर यह गति बनी रहती है तो पूरे वित्तीय वर्ष में एफडीआई का कुल आंकड़ा उल्लेखनीय हो सकता है, जो देश के विकास एजेंडे को मजबूती प्रदान करेगा।