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2030 तक भारत में 2.3 करोड़ गिग वर्कर्स की संभावना, श्रम सर्वेक्षण में सुधार

भारत अपनी श्रम सांख्यिकी प्रणाली को आधुनिकीकृत कर रहा है। आने वाले वर्षों में असंगठित क्षेत्र के कामगारों की संख्या में भारी वृद्धि की उम्मीद है।

LSN India · 26 October 2026

2030 तक भारत में 2.3 करोड़ गिग वर्कर्स की संभावना, श्रम सर्वेक्षण में सुधार

भारतीय श्रम क्षेत्र में तेजी से बदलाव आ रहा है। सरकार के पास 2030 तक देश में 2.3 करोड़ गिग वर्कर्स होने का अनुमान है। इस बड़ी संख्या को ट्रैक करने के लिए भारत अपनी श्रम सर्वेक्षण पद्धतियों में महत्वपूर्ण सुधार कर रहा है।

ई-श्रम पोर्टल पर मार्च 2026 तक महाराष्ट्र ने सर्वाधिक प्लेटफॉर्म वर्कर्स का पंजीकरण दर्ज किया है। राज्य में 1.38 लाख असंगठित क्षेत्र के कामगारों का पंजीयन हुआ है। यह आंकड़ा देश में प्लेटफॉर्म-आधारित रोजगार के बढ़ते ट्रेंड को दर्शाता है।

गिग इकॉनमी में तेजी लाने वाली डिजिटल प्रौद्योगिकी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के कारण यह वृद्धि संभव हुई है। राइड-शेयरिंग, डिलीवरी सेवाओं और फ्रीलांस कार्य जैसे क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। सरकार की ये पहल इन कामगारों की सामाजिक सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

श्रम सर्वेक्षण में सुधार से असंगठित क्षेत्र के बेहतर डेटा संग्रहण में मदद मिलेगी। इससे नीति निर्माण और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार आएगा। आने वाले समय में भारत के श्रम बाजार की गतिशीलता को समझने के लिए ऐसी व्यवस्थाएं अत्यावश्यक हैं।