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प्रिस्क्रिप्शन दवाओं के विज्ञापन नियमों को कड़ा करने का प्रस्ताव

स्वास्थ्य मंत्रालय ने अनुसूची एच, एच1 और एक्स के तहत आने वाली दवाओं के विज्ञापन को नियंत्रित करने के लिए सख्त नियम लागू करने की तैयारी की है। वर्तमान में इन दवाओं का प्रचार केंद्रीय सरकार की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जा सकता है।

LSN India · 9 October 2026

प्रिस्क्रिप्शन दवाओं के विज्ञापन नियमों को कड़ा करने का प्रस्ताव

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने प्रिस्क्रिप्शन दवाओं के विज्ञापन से संबंधित नियमों में और भी सख्ती लाने का प्रस्ताव दिया है। यह कदम दवा उद्योग पर नियंत्रण को और कठोर बनाएगा और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास माना जा रहा है।

वर्तमान नियम अनुसूची एच, एच1 और एक्स के तहत वर्गीकृत दवाओं के निर्माताओं को सख्त प्रतिबंधों के अधीन रखते हैं। ये उच्च शक्ति वाली और संवेदनशील दवाओं की श्रेणी में आती हैं, जिनका विज्ञापन केंद्रीय सरकार से पूर्व अनुमोदन के बिना किया जा ही नहीं सकता है।

प्रस्तावित नियमों के तहत फार्मास्यूटिकल कंपनियों को विज्ञापन सामग्री प्रकाशित करने से पहले अतिरिक्त शर्तों का पालन करना होगा। इसमें चिकित्सा साक्ष्य की और भी मजबूती, पारदर्शिता और सुरक्षा संबंधी दावों का और भी विस्तृत प्रस्तुतिकरण शामिल हो सकता है।

इस संभावित कदम का उद्देश्य गलत सूचना और अनुचित विपणन प्रथाओं को रोकना है जो रोगियों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। स्वास्थ्य नीति विशेषज्ञों का मानना है कि ये सुधार भारतीय स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को और अधिक विश्वसनीय बनाने में मदद कर सकते हैं।