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भारतीय आतिथ्य क्षेत्र को 2035 तक 12.5 करोड़ वर्ग फीट स्थान की जरूरत
भारत के होटल उद्योग में आने वाले 11 सालों में भारी विस्तार की संभावना है। व्यावसायिक, अवकाश और अनुभव-केंद्रित पर्यटन की बढ़ती मांग के साथ लगभग 1.9 से 2.1 लाख नए होटल कक्ष जोड़े जा सकते हैं।
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भारतीय आतिथ्य क्षेत्र के सामने आने वाले वर्षों में विस्तार की विशाल संभावना है। 2035 तक होटल, रिसॉर्ट और अन्य आतिथ्य सुविधाओं के लिए लगभग 12.5 करोड़ वर्ग फीट अतिरिक्त स्थान की आवश्यकता होगी। यह विस्तार देश के विभिन्न आय वर्गों और यात्रा प्रकारों में होटल क्षेत्र को मजबूत करने की ओर इंगित करता है।
इस संभावित विकास में लगभग 1.9 लाख से 2.1 लाख नए होटल कक्ष जुड़ेंगे। ये कक्ष बजट, मध्य-स्तरीय और प्रीमियम सभी खंडों में वितरित होंगे। तीनों श्रेणियों में समान वृद्धि की गुंजाइश है, जो भारतीय पर्यटन बाजार में विविधता को दर्शाता है।
इस विस्तार की मुख्य वजह तीन प्रमुख कारकों का संयोजन है - व्यावसायिक यात्रा में वृद्धि, घरेलू अवकाश पर्यटन की बढ़ती संस्कृति और अनुभव-आधारित यात्रा की नई प्रवृत्ति। भारतीय मध्यवर्ग का विस्तार और बेहतर परिवहन कनेक्टिविटी देश के विभिन्न क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा दे रहे हैं।
इस विकास के लिए होटल संचालकों, डेवलपर्स और निवेशकों को बुनियादी ढांचे, कर्मचारी प्रशिक्षण और पर्यावरणीय स्थिरता में महत्वपूर्ण निवेश करने होंगे। भारत के विभिन्न शहरों और पर्यटन गंतव्यों में इस अपेक्षित विस्तार को पूरा करने के लिए व्यापक नियोजन और समन्वय आवश्यक होगा।