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अगस्त में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में 2.88 लाख करोड़ का अतिरिक्त व्यय
17 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों की निगरानी में पाया गया कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की संशोधित लागत मूल लागत से काफी अधिक है। कुल मिलाकर परियोजनाओं में करीब 2.88 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय दर्ज किया गया है।
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केंद्रीय आंकड़े प्रबंधन संस्थान (मोसपी) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, देश भर की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में भारी लागत वृद्धि देखी जा रही है। 17 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के अंतर्गत आने वाली परियोजनाओं की निगरानी से पता चलता है कि इनकी कुल संशोधित लागत 33,60,069 करोड़ रुपये के करीब है।
यह राशि मूल रूप से अनुमानित 30,71,947 करोड़ रुपये से काफी अधिक है। इसका मतलब है कि परियोजनाओं की लागत में 2,88,122 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। यह लागत वृद्धि निर्माण सामग्रियों की बढ़ती कीमतों, श्रम लागत में वृद्धि और परियोजना कार्यान्वयन में विलंब जैसे कारकों से जुड़ी हो सकती है।
मोसपी की इस रिपोर्ट से पता चलता है कि बुनियादी ढांचा विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में आर्थिक चुनौतियां बनी हुई हैं। इस तरह की लागत वृद्धि सरकार के बजट में अतिरिक्त दबाव डालती है और परियोजना पूर्णता की समय सीमा को भी प्रभावित कर सकती है। सरकार को इन परियोजनाओं की लागत को नियंत्रित रखने के लिए अधिक कड़े उपाय अपनाने की आवश्यकता प्रतीत होती है।