LSN News › India

Business · India Bureau

अगस्त में विनिर्माण क्षेत्र की विस्तार दर पांच साल में सबसे कमजोर

भारत के विनिर्माण क्षेत्र की विस्तार दर अगस्त में पांच वर्षों में सबसे धीमी रहीम जबकि उत्पादन और नई मांग में कमी आई। रोजगार में भी ढाई साल में पहली बार गिरावट दर्ज की गई।

LSN India · 1 September 2026

अगस्त में विनिर्माण क्षेत्र की विस्तार दर पांच साल में सबसे कमजोर

भारत के विनिर्माण क्षेत्र की संकुचन सूचकांक (पीएमआई) अगस्त में 52.8 पर आकर पांच वर्षों में सबसे कमजोर स्तर पर पहुंच गया। यह आंकड़ा आर्थिक गतिविधि में स्पष्ट मंदी का संकेत देता है, जहां कारखानों की उत्पादन क्षमता घट रही है।

उत्पादन और नई मांग दोनों ही अगस्त में गति खोने के संकेत दे रहे हैं। विनिर्माण क्षेत्र जो आर्थिक वृद्धि का प्रमुख चालक माना जाता है, उसमें यह गिरावट समग्र अर्थव्यवस्था के लिए चिंताजनक है।

रोजगार में भी चिंताजनक संकेत दिखाई दे रहे हैं। अगस्त में विनिर्माण क्षेत्र में नौकरियों में गिरावट दर्ज की गई, जो ढाई साल में पहली बार घटित हुआ है। इसका मतलब है कि कारखाने न केवल कम उत्पादन कर रहे हैं, बल्कि अपने कर्मचारियों को भी कम कर रहे हैं।

यह आंकड़े आने वाले महीनों में आर्थिक दबाव बढ़ने की संभावना को रेखांकित करते हैं। विनिर्माण क्षेत्र की कमजोरी न केवल औद्योगिक आउटपुट को प्रभावित करेगी, बल्कि रोजगार सृजन और उपभोक्ता मांग को भी नुकसान पहुंचा सकती है।