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भारतीय विनिर्माण क्षेत्र में कौशल विकास की चुनौती बनी बाधा
इंजीनियरिंग सहित कई कंपनियों के पास अपने कौशल विकास कार्यक्रम हैं, लेकिन ये राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव डालने के लिए बहुत सीमित हैं।
LSN India ·

भारतीय विनिर्माण क्षेत्र को कुशल कार्यबल की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इंजीनियरिंग और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में सक्रिय कंपनियां अपने स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाती हैं, किंतु ये प्रयास बेहद सीमित दायरे तक सीमित हैं।
इन कंपनियों द्वारा संचालित कौशल विकास कार्यक्रम मुख्यतः आंतरिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। नतीजतन, ये पहल राष्ट्रीय स्तर पर श्रमबल विकास में कोई महत्वपूर्ण योगदान नहीं दे पाते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि के लिए व्यापक पैमाने पर कौशल विकास की आवश्यकता है। वर्तमान में, छिटपुट प्रयासों से उद्योग की बड़ी जरूरतों को पूरा करना असंभव है।
इस समस्या को हल करने के लिए सरकार और निजी क्षेत्र के बीच समन्वित प्रयास आवश्यक माने जा रहे हैं ताकि कुशल श्रमिकों की आपूर्ति को बढ़ाया जा सके और भारतीय विनिर्माण को प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके।