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गहरी नकदी के कारण विदेशी निवेशकों का बाहर निकलना आसान: सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार की गहरी तरलता विदेशी निवेशकों को तेजी से अपनी हिस्सेदारी बेचने का अवसर दे रही है। बैंकॉक में आईएमएफ-विश्व बैंक बैठकों के दौरान सीतारमण ने यह विचार साझा किया।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय शेयर बाजार की बढ़ती तरलता को विदेशी पूंजी के तेजी से बाहर निकलने का मुख्य कारण बताया है। बैंकॉक में आईएमएफ-विश्व बैंक वार्षिक बैठकों के अवसर पर एक साक्षात्कार में सीतारमण ने कहा कि बाजार में गहरी नकदी पूल की उपस्थिति विदेशी निवेशकों को बड़ी मात्रा में अपनी होल्डिंग बेचने के लिए पर्याप्त गुंजाइश प्रदान करती है।
इस परिघटना को तरलता विरोधाभास के रूप में देखा जा सकता है, जहां पूंजी बाजार में उच्च तरलता स्टॉक बाहर निकालने की गति को तेज करती है। भारतीय इक्विटी बाजार पिछले वर्षों में काफी विकसित हुआ है और विदेशी संस्थागत निवेशकों के लिए प्रवेश और निकास के रास्ते अधिक सुविधाजनक हो गए हैं।
सीतारमण के अनुसार, भारतीय बाजार की बढ़ती तरलता एक सकारात्मक संकेत है जो बाजार की परिपक्वता को दर्शाती है, लेकिन इसका मतलब यह भी है कि विदेशी निवेशकों के लिए बड़ी मात्रा में पूंजी स्थानांतरित करना अपेक्षाकृत आसान हो गया है।
भारत में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश की गतिविधियां वैश्विक बाजारों की स्थितियों और भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन से घनिष्ठ रूप से जुड़ी हुई हैं। वित्त मंत्री ने अपने विचारों को साझा करते हुए भारतीय बाजार की संरचनात्मक मजबूती पर भी बल दिया।