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भारत में मल्टीमोडल AI का दैनिक उपयोग 2030 तक दोगुना होने की उम्मीद
एरिक्सन की नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत में मल्टीमोडल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दैनिक उपयोग वर्तमान 22 प्रतिशत से बढ़कर 2030 तक 43 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है। यह वैश्विक अनुमान के 30 प्रतिशत से काफी अधिक है।
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एरिक्सन कंज्यूमरलैब की हालिया सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। मल्टीमोडल एआई में पाठ, आवाज, चित्र और वीडियो के माध्यम से इंटरैक्शन शामिल होता है।
इस प्रवृत्ति से संकेत मिलता है कि उपभोक्ता अब कभा-कभार एआई का उपयोग करने से हटकर विभिन्न डिवाइस और स्थानों पर नियमित रूप से इसका प्रयोग करने लगे हैं। इससे मोबाइल नेटवर्क पर नई मांग का दबाव बढ़ेगा।
जैसे-जैसे उपभोक्ता चलते-फिरते एआई का उपयोग करते हैं और एआई सेवाओं के साथ अधिक चित्र, वीडियो और आवाज साझा करते हैं, नेटवर्क ट्रैफिक अपलोड-भारी और असमान रूप से वितरित होने की संभावना है। इससे नेटवर्क की प्रतिक्रिया क्षमता और अपलिंक क्षमता की महत्ता में वृद्धि होगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई आज उपभोक्ताओं द्वारा खोज, सामग्री निर्माण और संचार के तरीकों का एक अभिन्न अंग बन गया है। जैसे-जैसे एआई अधिक मल्टीमोडल और गतिशील होता जाएगा, उपभोक्ताओं को इन अनुभवों को विभिन्न प्लेटफॉर्म और परिस्थितियों में विश्वसनीय रूप से काम करते देखने की अपेक्षा होगी।