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भारत का राष्ट्रीय कर्ज 225 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया
सरकार के एक मंत्री ने देश के बढ़ते कर्ज के आंकड़े सार्वजनिक किए हैं। विपक्षी दल ने इसे आर्थिक नीतियों की विफलता का संकेत बताया है।
LSN India ·

भारत का राष्ट्रीय कर्ज अब 225 लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार कर गया है, जिससे देश के आर्थिक स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने इन आंकड़ों को सार्वजनिक किया है, जो देश की बढ़ती वित्तीय देनदारियों को दर्शाता है।
इस आंकड़े के सामने आने के बाद विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने तीव्र प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के नेतृत्व का दावा है कि वर्तमान केंद्रीय सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण देश की अर्थव्यवस्था में गिरावट आ रही है। विपक्षी दलों का कहना है कि बढ़ते कर्ज से देश के विकास दर और नागरिकों के जीवन स्तर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
राष्ट्रीय कर्ज में वृद्धि से संबंधित यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। सरकार के अर्थनीति से संबंधित निर्णयों की आलोचना करते हुए विरोधी दल सुधार की मांग कर रहे हैं।