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भारत की परमाणु योजना: अगले तीन साल में चालू होंगे नए रिएक्टर
सूचना के अधिकार से मिले दस्तावेजों में भारत की परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं का रोडमैप सामने आया है। कलपक्कम से लेकर कुडनकुलम तक कई महत्वपूर्ण संयंत्र 2027 तक चालू हो सकते हैं।
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भारतीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में तेजी आने वाली है। तमिलनाडु के कलपक्कम में 500 मेगावाट क्षमता वाला प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर मार्च 2027 तक पूरा होने की संभावना है। भारी विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (भाविनी) के सूचना के अधिकार संबंधी उत्तर में यह जानकारी दी गई है।
यह रिएक्टर होमी भाभा की तीन चरणीय परमाणु योजना का अभिन्न अंग माना जाता है। इसके जरिए देश थोरियम जैसे घरेलू संसाधनों का दक्षतापूर्वक उपयोग करने की दिशा में आगे बढ़ सकेगा। फास्ट ब्रीडर तकनीक परमाणु ईंधन को अधिक प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने में सहायक साबित हो सकती है।
भारतीय परमाणु विद्युत निगम (एनपीसीआईएल) के अनुसार, राजस्थान के रावतभाटा में राजस्थान परमाणु विद्युत परियोजना की आठवीं यूनिट (आरएपीपी-8) 2026 में व्यावहारिक रूप से कार्यशील हो सकती है। इसके अलावा तमिलनाडु के कुडनकुलम में स्थित संयंत्र की चार अतिरिक्त यूनिट 2027 से 2030 के मध्य चालू होने की योजना बनाई गई है।
ये परियोजनाएं देश की बढ़ती विद्युत मांग को पूरा करने और नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने के प्रयासों का हिस्सा हैं। परमाणु ऊर्जा को भारत की दीर्घकालीन ऊर्जा सुरक्षा रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है।