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पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत का कच्चे तेल आयात बिल 41% बढ़ा

जुलाई में पश्चिम एशिया में होने वाली घटनाओं के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें अस्थिर रहीं। इसी अवधि में भारत के कच्चे तेल का आयात मात्रा 13% बढ़ गया।

LSN India · 18 August 2026

पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत का कच्चे तेल आयात बिल 41% बढ़ा

भारत का कच्चे तेल आयात बिल जुलाई में 41 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए एक महत्वपूर्ण स्तर पर पहुंच गया है। पश्चिम एशिया क्षेत्र में राजनीतिक और भू-राजनीतिक घटनाओं के कारण वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल देखी गई है।

जुलाई के दौरान भारत की कच्चे तेल की खरीद मात्रा में 13 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। यह वृद्धि मुख्य रूप से देश की बढ़ती ऊर्जा मांग और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी को दर्शाता है। तेल आयातक देश के रूप में भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों से गहरे तरीके से प्रभावित होती है।

वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट और ब्रेंट क्रूड जैसे बेंचमार्क सूचकांकों में जुलाई माह में व्यापक उतार-चढ़ाव देखे गए हैं। क्षेत्र में अनिश्चितता की स्थिति बनी रही, जिससे तेल की आपूर्ति में संभावित बाधाओं को लेकर चिंताएं बढ़ीं।

ऊर्जा क्षेत्र के विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले महीनों में यदि पश्चिम एशिया में स्थिति जटिल बनी रहती है तो भारत के आयात बिल में और भी वृद्धि हो सकती है। इस परिस्थिति में खाद्य और ईंधन मुद्रास्फीति के दबाव में रहने की संभावना है।