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भारत अपनी जरूरत के लिए तेल खरीदता है, मास्को की मदद नहीं: रूसी राजदूत

रूसी राजदूत ने अमेरिकी आरोपों का जवाब देते हुए कहा है कि भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद एक आर्थिक निर्णय है। पश्चिमी देश भारत सहित रूस से व्यापार करने वाले देशों पर द्वितीयक प्रतिबंध लगाने की धमकी दे रहे हैं।

LSN India · 6 September 2026

भारत के प्रति पश्चिमी दबाव के बीच रूसी राजदूत ने स्पष्ट किया है कि नई दिल्ली अपनी ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए रूसी कच्चे तेल की खरीद कर रही है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय किसी भी बाहरी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है, बल्कि भारत की वैध ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लिया गया है।

राजदूत के बयान अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों द्वारा की गई आलोचना के जवाब में आए हैं, जो रूस के साथ व्यापार जारी रखने वाले देशों के विरुद्ध कार्रवाई का संकेत दे रहे हैं। पश्चिमी देश द्वितीयक प्रतिबंधों की संभावना से भारत सहित कई देशों को दबाव में लाने का प्रयास कर रहे हैं।

इस मुद्दे पर भारत की स्थिति यह रही है कि वह अपनी ऊर्जा नीति में स्वतंत्र निर्णय लेने के अधिकार को बनाए रखना चाहता है। कच्चे तेल की मूल्य संवेदनशीलता और वैश्विक बाजार में भारत की बढ़ती मांग को देखते हुए, रूसी तेल आपूर्ति भारत की आर्थिक रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।

रूसी राजदूत के इस बयान से स्पष्ट होता है कि मास्को भारत को अपनी ऊर्जा नीति के लिए बाहरी दबाव से बचाने का प्रयास कर रहा है। साथ ही, यह भारत की स्वतंत्र विदेश नीति की रणनीति को भी दर्शाता है, जहां नई दिल्ली अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देती है।