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बाढ़ के बीच भूजल संकट: महाराष्ट्र में 265 तालुकों में सूखा

देश के कई राज्यों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, लेकिन भूजल स्तर लगातार गिर रहा है। महाराष्ट्र में 265 तालुकों में सूखे की घोषणा की गई है, जिससे जल संसाधन संकट गहराता जा रहा है।

LSN India · 29 September 2026

बाढ़ के बीच भूजल संकट: महाराष्ट्र में 265 तालुकों में सूखा

देश में एक विरोधाभासी परिस्थिति सामने आई है जहां कई राज्यों में बाढ़ की समस्या से निपटा जा रहा है, वहीं भूजल का स्तर चिंताजनक दर से घट रहा है। महाराष्ट्र में इस संकट की गंभीरता स्पष्ट है, जहां 265 तालुकों में सूखे की आधिकारिक घोषणा की जा चुकी है। यह स्थिति दर्शाती है कि बाढ़ और सूखा दोनों समस्याएं एक साथ कैसे मौजूद रह सकती हैं।

वैज्ञानिकों के अनुसार इस जल संकट के पीछे कई कारण हैं। भूजल का अत्यधिक दोहन, इसके पुनर्भरण में कमी और असमान वर्षा पैटर्न इस समस्या के मुख्य कारण बने हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भी यदि वर्षा जल का सही तरीके से संरक्षण और रिचार्ज न किया जाए तो भूजल स्तर नीचे जाता रहेगा।

विशेषज्ञ मानते हैं कि कृषि क्षेत्र में पानी के अत्यधिक उपयोग और अनुचित जल प्रबंधन प्रणाली ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है। जलवायु परिवर्तन के कारण वर्षा के पैटर्न में बदलाव आया है, जिससे कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश होती है जबकि अन्य क्षेत्र सूखे से जूझ रहे हैं।

इस पारस्परिक संकट से निपटने के लिए व्यापक जल संरक्षण नीति और वर्षा जल संचयन की आवश्यकता है। राज्यों को जल पुनर्भरण परियोजनाओं को तेजी से लागू करना होगा और कृषि पद्धतियों में सुधार करना होगा। साथ ही, बाढ़ से मिलने वाले पानी को भंडारित कर भूजल भंडार को बढ़ाने की रणनीति भी बनानी होगी।