Politics · India Bureau
प्रदूषण से गरीब सबसे ज्यादा प्रभावित, सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि प्रदूषण के लिए जिम्मेदार न होने के बावजूद गरीब लोग इसके सबसे बुरे प्रभावों का सामना करते हैं। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में गिरावट के लिए वाहनों का उत्सर्जन प्रमुख कारण है।
LSN India ·

सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि देश के गरीब वर्ग को प्रदूषण के सबसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ रहे हैं, जबकि वे इसके निर्माण में कोई भूमिका नहीं निभाते हैं। अदालत ने इस विषमता पर गहरी चिंता व्यक्त की है और इसे सामाजिक न्याय का मुद्दा माना है।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बिगड़ती हुई वायु गुणवत्ता के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट ने बड़े वाहनों और भारी ट्रकों के उत्सर्जन को एक प्रमुख कारण के रूप में चिह्नित किया है। अदालत ने देखा है कि यह प्रदूषण मुख्य रूप से उच्च और मध्यवर्गीय लोगों की गतिविधियों से उत्पन्न होता है, किंतु इसके नकारात्मक स्वास्थ्य प्रभाव सबसे पहले आर्थिक रूप से कमजोर तबकों को झेलने पड़ते हैं।
अदालत की यह टिप्पणी पर्यावरण प्रदूषण और सामाजिक असमानता के बीच गहरे संबंध को उजागर करती है। गरीब बस्तियों में रहने वाले लोग अक्सर प्रदूषण के अधिकतम स्रोतों के निकट रहते हैं और उन्हें चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंचने में भी कठिनाई होती है।
सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी सरकार और नीति निर्माताओं को इस दिशा में अधिक प्रभावी कदम उठाने के लिए प्रेरित करती है ताकि वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके और समाज के वंचित वर्गों को सुरक्षा मिल सके।