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भारत के विद्युत क्षेत्र में सुधार के लिए तुरंत कार्रवाई जरूरी

भारत के विद्युत नियामक ढांचे में गंभीर खामियां उजागर हो रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में व्यापक सुधार न करने से देश की ऊर्जा सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

LSN India · 31 August 2026

भारत के विद्युत क्षेत्र में सुधार के लिए तुरंत कार्रवाई जरूरी

भारत के विद्युत क्षेत्र की मौजूदा नियामकीय व्यवस्था अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने में विफल साबित हो रही है। बिजली की बढ़ती मांग और वितरण नेटवर्क में सुधार की आवश्यकता के बीच नियमन की कमजोरियां देश के आर्थिक विकास में बाधा बन रही हैं। विद्युत क्षेत्र में सुधारों का अभाव उपभोक्ताओं को प्रभावित कर रहा है और राजस्व संकट गहरा रहा है।

वर्तमान व्यवस्था में नियामक निकायों की स्वायत्तता सीमित है और नीतिगत निर्णय प्रक्रिया में अक्सर विलंब होता है। बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिससे बुनियादी ढांचे में निवेश प्रभावित हो रहा है। नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण और स्मार्ट मीटरिंग जैसी आधुनिक प्रौद्योलिकियों के कार्यान्वयन में भी बाधाएं आ रही हैं।

ऊर्जा विशेषज्ञों का सुझाव है कि नियामक ढांचे को अधिक पारदर्शी और जवाबदेही युक्त बनाने की जरूरत है। बिजली की कीमत निर्धारण में न्यायसंगतता और वितरण क्षेत्र में दक्षता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुधार आवश्यक हैं। अगर इस दिशा में तुरंत कदम न उठाए गए तो देश के विद्युत संकट में और गहराई आ सकती है।